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क्लबफुट की जन्म-पूर्व जांच

27 August 2026 · Dr. Gaurav Jain, Pediatric Orthopedic Surgeon

क्लबफुट की जन्म-पूर्व जांच

जब गर्भावस्था के दौरान होने वाले किसी अल्ट्रासाउंड में डॉक्टर कहते हैं कि बच्चे का पैर सामान्य से अलग बना हुआ दिख रहा है, तो यह खबर माता-पिता के लिए चिंता और सवालों से भर देती है। सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल होता है — "क्या यह सच में क्लबफुट है, और अब हमें क्या करना चाहिए?" इस लेख में हम समझेंगे कि क्लबफुट की जन्म-पूर्व (प्रीनेटल) जांच कैसे होती है, यह कितनी सटीक है, और इस जानकारी का माता-पिता के लिए क्या मतलब है।

क्लबफुट क्या है?

क्लबफुट (मेडिकल भाषा में Congenital Talipes Equinovarus या CTEV) एक जन्मजात स्थिति है जिसमें बच्चे का एक या दोनों पैर अंदर और नीचे की तरफ मुड़े हुए होते हैं। यह जन्म के समय होने वाली सबसे आम हड्डी संबंधी विकृतियों में से एक है। अच्छी खबर यह है कि आधुनिक इलाज, खासकर पोंसेटी तकनीक (Ponseti Method) से, ज्यादातर बच्चों के पैर बिना बड़ी सर्जरी के पूरी तरह सामान्य कामकाज के लायक बन जाते हैं।

क्लबफुट का पता जन्म से पहले कैसे चलता है?

क्लबफुट की पहचान गर्भावस्था के दौरान होने वाले अल्ट्रासाउंड स्कैन से की जा सकती है। ज्यादातर मामलों में यह पता गर्भावस्था के 18 से 20वें हफ्ते में होने वाले नियमित एनोमली स्कैन (anomaly scan) के दौरान चलता है, जब डॉक्टर बच्चे के अंगों की बनावट की बारीकी से जांच करते हैं। कुछ मामलों में अनुभवी सोनोग्राफर इसे इससे भी पहले, करीब 13-16वें हफ्ते में पहचान सकते हैं।

अल्ट्रासाउंड में पैर के तलवे की स्थिति और पिंडली की हड्डी के साथ उसके कोण को देखकर क्लबफुट की पहचान की जाती है।

अल्ट्रासाउंड कितना सटीक है?

यह समझना जरूरी है कि अल्ट्रासाउंड से मिलने वाली जानकारी पूरी तरह निश्चित नहीं होती। शोध के अनुसार:

  • केवल क्लबफुट (isolated clubfoot) के मामलों में अल्ट्रासाउंड की सटीकता करीब 85-86% होती है
  • करीब 14% मामलों में गलत पॉजिटिव (false positive) रिपोर्ट आ सकती है — यानी अल्ट्रासाउंड में क्लबफुट दिखे, लेकिन जन्म के बाद पैर सामान्य निकले

इसलिए अगर अल्ट्रासाउंड में क्लबफुट की आशंका बताई जाए, तो घबराने की बजाय एक विस्तृत जांच और विशेषज्ञ की राय लेना सही तरीका है।

क्या यह सिर्फ पैर की समस्या है, या कुछ और भी जुड़ा हो सकता है?

क्लबफुट दो तरह का हो सकता है:

आइसोलेटेड (केवल पैर तक सीमित) क्लबफुट — इसमें बच्चे में कोई और जन्मजात समस्या नहीं होती, और इलाज का परिणाम आमतौर पर बहुत अच्छा होता है।

अन्य समस्याओं से जुड़ा क्लबफुट — कभी-कभी क्लबफुट किसी अन्य जन्मजात स्थिति (जैसे न्यूरोमस्कुलर या जेनेटिक समस्या) के साथ भी पाया जा सकता है।

इसी वजह से जब अल्ट्रासाउंड में क्लबफुट का शक हो, तो डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं:

  • बच्चे के बाकी अंगों की जांच के लिए एक विस्तृत (detailed) अल्ट्रासाउंड
  • जरूरत पड़ने पर जेनेटिक काउंसलिंग या जांच
  • गर्भावस्था की नियमित निगरानी जारी रखना

जन्म-पूर्व काउंसलिंग इतनी जरूरी क्यों है?

यह ध्यान रखना जरूरी है कि क्लबफुट के लिए जन्म से पहले कोई सीधा इलाज उपलब्ध नहीं है — असली इलाज बच्चे के जन्म के बाद ही शुरू होता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि जन्म-पूर्व जानकारी का कोई फायदा नहीं है। सही समय पर काउंसलिंग से माता-पिता को कई तरह से मदद मिलती है:

  • मानसिक तैयारी — जन्म से पहले सही जानकारी मिलने से अनावश्यक डर और चिंता कम होती है
  • सही विशेषज्ञ से पहले संपर्क — पोंसेटी तकनीक में अनुभवी ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से गर्भावस्था के दौरान ही मुलाकात हो सकती है
  • इलाज की योजना पहले से बन जाना — जन्म के तुरंत बाद इलाज शुरू करने की तैयारी पहले से हो जाती है
  • यथार्थवादी उम्मीदें — डॉक्टर परिणाम और इलाज की प्रक्रिया के बारे में पहले से स्पष्ट जानकारी दे सकते हैं

जन्म के बाद इलाज कैसे शुरू होता है?

क्लबफुट का सबसे भरोसेमंद और दुनियाभर में अपनाया जाने वाला इलाज पोंसेटी तकनीक है। इसमें शामिल है:

  • जन्म के पहले 1-2 हफ्तों के भीतर इलाज शुरू करना
  • हर हफ्ते धीरे-धीरे पैर की स्थिति सुधारने के लिए सीरियल कास्टिंग (लगातार प्लास्टर बदलना)
  • ज्यादातर मामलों में एक छोटी, टांके रहित प्रक्रिया (टेनोटॉमी) की जरूरत
  • इसके बाद कुछ सालों तक ब्रेस पहनाना, ताकि सुधार बना रहे

यह तरीका बिना बड़ी सर्जरी के बहुत अच्छे नतीजे देता है, बशर्ते इलाज समय पर और सही तरीके से शुरू किया जाए।

माता-पिता के लिए सीधी सलाह

अगर आपके गर्भावस्था के अल्ट्रासाउंड में बच्चे के पैर को लेकर कोई आशंका जताई गई है, तो सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम है — घबराने की बजाय एक अनुभवी पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से मिलना। ज्यादातर मामलों में, खासकर जब क्लबफुट अकेली समस्या हो, इलाज का परिणाम बहुत अच्छा होता है, और आपका बच्चा सामान्य रूप से चलने-दौड़ने में पूरी तरह सक्षम हो सकता है।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं है। अपनी गर्भावस्था के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट या बच्चे के पैर को लेकर किसी भी चिंता के लिए कृपया योग्य ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Dr. Gaurav Jain Associate Professor of Orthopaedics, LNCT Medical College & Sewakunj Hospital, Indore Director, GDP Care Pediatric Orthopaedics & Clubfoot Specialist (Ponseti Technique) drgauravjain.com | contact@drgauravjain.com