बच्चों में इनटोइंग (पंजे अंदर की तरफ मुड़कर चलना) क्यों होता है?
इनटोइंग है क्या?
इस स्थिति को मेडिकल भाषा में इनटोइंग (In-toeing) या आम बोलचाल में पिजन-टोड वॉकिंग कहा जाता है। यह बच्चों में देखी जाने वाली सबसे आम चाल संबंधी (gait) समस्याओं में से एक है, और राहत की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में यह अपने आप ठीक हो जाती है।
इस लेख में हम समझेंगे कि इनटोइंग के पीछे असली कारण क्या हैं, किस उम्र में कौन-सा कारण ज्यादा आम है, और कब यह डॉक्टर को दिखाने लायक चिंता की बात बन जाती है।
इनटोइंग के 3 मुख्य कारण
इनटोइंग शरीर के तीन अलग-अलग हिस्सों में से किसी एक की बनावट या मरोड़ के कारण हो सकता है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर बच्चे की उम्र और पैर की जांच दोनों को ध्यान में रखते हैं।
| कारण | किस उम्र में सबसे आम | अपने आप ठीक होने की उम्र |
|---|---|---|
| मेटाटार्सस एडक्टस | जन्म से ही दिखता है | 2 साल तक |
| टिबियल टॉर्शन | 1–3 साल | 5–6 साल (स्कूल जाने की उम्र) |
| फीमोरल एंटीवर्जन | 3–6 साल | 8–10 साल |
1. मेटाटार्सस एडक्टस (पंजे का अंदर मुड़ाव)
यह पैर के अगले हिस्से (forefoot) की एक जन्मजात स्थिति है, जिसमें पंजा अंदर की तरफ मुड़ा होता है जबकि एड़ी सामान्य स्थिति में रहती है। यह अक्सर जन्म के तुरंत बाद ही नज़र आ जाता है और गर्भ में बच्चे की स्थिति (position) से जुड़ा माना जाता है।
कब ठीक होता है: हल्के मामले आमतौर पर 2 साल की उम्र तक अपने आप ठीक हो जाते हैं। मध्यम स्तर के मामलों में भी ज्यादातर बच्चे बिना किसी इलाज के सुधर जाते हैं।
2. टिबियल टॉर्शन (पिंडली की हड्डी की मरोड़)
यह पिंडली की हड्डी (टिबिया) का अंदर की ओर हल्का मुड़ाव है। यह 1 से 3 साल की उम्र के बच्चों में इनटोइंग का सबसे आम कारण है। कई बार यह बच्चे के सोने या बैठने के तरीके (जैसे "W" पोजीशन में बैठना) से भी जुड़ा देखा जाता है, हालांकि यह मूल कारण नहीं बल्कि एक सहयोगी आदत मानी जाती है।
कब ठीक होता है: टिबियल टॉर्शन लगभग हमेशा बिना इलाज के, आमतौर पर स्कूल जाने की उम्र (5-6 साल) तक अपने आप ठीक हो जाता है।
3. फीमोरल एंटीवर्जन (जांघ की हड्डी का घूमाव)
इसमें जांघ की हड्डी (फीमर) कूल्हे के जोड़ में सामान्य से ज्यादा अंदर की तरफ घूमी होती है। यह आमतौर पर 3 से 6 साल की उम्र के बीच ज्यादा नज़र आने लगता है, और इसमें बच्चे अक्सर ज़मीन पर "W" आकार में बैठना पसंद करते हैं।
कब ठीक होता है: ज्यादातर मामलों में फीमोरल एंटीवर्जन 8 से 10 साल की उम्र तक अपने आप सुधर जाता है, क्योंकि हड्डी बढ़ने के साथ अपनी सामान्य स्थिति में आ जाती है।
ज्यादातर बच्चों में इनटोइंग बिना किसी इलाज के, हड्डियों के बढ़ने के साथ अपने आप ठीक हो जाता है — कारण के अनुसार 2 साल से लेकर 8-10 साल की उम्र तक।
क्या इनटोइंग के लिए इलाज जरूरी है?
इनटोइंग ठीक करने के लिए बच्चे को स्पेशल जूते, ब्रेस या कास्ट लगवाना जरूरी है।
स्पेशल जूते, ब्रेस या कास्ट का उपयोग करने का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है। ज्यादातर बच्चों में यह स्थिति उम्र बढ़ने के साथ अपने आप सुधर जाती है, और नियमित जांच व आश्वासन (reassurance) ही शुरुआती और सबसे उपयुक्त तरीका है।
इसका मतलब है कि अगर आपका डॉक्टर सिर्फ "निगरानी में रखें" कहे और कोई दवा या डिवाइस न बताए, तो यह पूरी तरह सामान्य सलाह है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
हालांकि ज्यादातर मामले सामान्य होते हैं, फिर भी कुछ संकेत ऐसे हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें
- इनटोइंग सिर्फ एक पैर में हो (असममित / asymmetric)
- पैर अकड़ा हुआ या कड़ा महसूस हो, हिलाने में मुश्किल हो
- दर्द के साथ हो
- उम्र बढ़ने के साथ सुधरने की बजाय स्थिति और बिगड़ रही हो
- बच्चा बार-बार गिरे या अपने ही पैरों में उलझकर ठोकर खाए
- साथ में विकास में देरी (developmental delay) के अन्य संकेत भी दिखें
इनमें से किसी भी स्थिति में डॉक्टर हड्डी की जांच के साथ-साथ ज़रूरत पड़ने पर एक्स-रे या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
सर्जरी कब जरूरी होती है?
इनटोइंग के लिए सर्जरी बहुत ही कम बच्चों में जरूरी होती है। यह सिर्फ तब सोची जाती है जब:
- बच्चे की उम्र 9-10 साल से ज्यादा हो, यानी हड्डी के अपने आप ठीक होने की प्राकृतिक उम्र निकल चुकी हो
- विकृति (deformity) गंभीर हो और इसकी वजह से बार-बार गिरना या चलने-दौड़ने में स्पष्ट परेशानी हो रही हो
यानी ज्यादातर मामलों में इंतज़ार और निगरानी ही सही तरीका है, ऑपरेशन आखिरी और बहुत कम इस्तेमाल होने वाला विकल्प है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल / Frequently asked questions
क्या बच्चे का इनटोइंग अपने आप ठीक हो जाता है?
हाँ, ज्यादातर मामलों में। कारण के अनुसार यह 2 साल (मेटाटार्सस एडक्टस), 5-6 साल (टिबियल टॉर्शन) या 8-10 साल (फीमोरल एंटीवर्जन) की उम्र तक अपने आप सुधर जाता है।
क्या इनटोइंग के लिए स्पेशल जूते या ब्रेस पहनाने चाहिए?
नहीं। स्पेशल जूते, ब्रेस या कास्ट के इस्तेमाल का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है। नियमित जांच और आश्वासन ही सबसे उपयुक्त तरीका है।
क्या "W" पोजीशन में बैठना इनटोइंग की वजह है?
"W" पोजीशन में बैठना इनटोइंग वाले बच्चों में अक्सर देखा जाता है, लेकिन इसे मूल कारण नहीं, बल्कि एक सहयोगी आदत माना जाता है।
इनटोइंग में सर्जरी कब जरूरी होती है?
बहुत ही कम मामलों में — तब, जब बच्चा 9-10 साल से बड़ा हो चुका हो और विकृति इतनी गंभीर हो कि बार-बार गिरना या चलने-दौड़ने में स्पष्ट परेशानी हो रही हो।
निष्कर्ष: माता-पिता के लिए सीधी सलाह
अगर आपका बच्चा 6 साल से छोटा है, दोनों पैरों में समान रूप से हल्का इनटोइंग है, दर्द नहीं है, और वह सामान्य रूप से दौड़-भाग कर पा रहा है — तो घबराने की जरूरत नहीं। यह विकास की एक सामान्य अवस्था है जो समय के साथ अपने आप सुधर जाती है। नियमित बाल-रोग या ऑर्थोपेडिक जांच के दौरान बस इस पर नज़र बनाए रखें।
अगर ऊपर बताए गए किसी भी चेतावनी संकेत में से कोई दिखे, तो एक बार विशेषज्ञ को जरूर दिखाएं ताकि सही कारण की पुष्टि हो सके और जरूरत पड़ने पर सही सलाह मिल सके।
Director, GDP Care
Pediatric Orthopaedics & Clubfoot Specialist (Ponseti Technique)
Dr. Gaurav Jain